Lucknow: डाॅक्टर को हमेशा भगवान का दर्जा दिया गया और ये बात एक बार फिर से सच साबित हो गई है घटना लखनऊ कि है जहाँ 3 साल का बच्चा खेलते-खेलते अपनी ही बिल्डिंग से नीचे गिर गया और नुकीली रेलिंग का लोहा बच्चे के कन्घे व सर में जा धंसा घबराये घर वाले बच्चे को नजदीक के अस्पताल में ले गए जहां के डाॅक्टर ने उस का इलाज करने से मना कर दिया जिस के बाद परिवार के लोग बच्चे को केजीएमयू ले कर गए जहॅा डाॅक्टर ने उस बच्चे को नया जीवन दान दिया.

3 साल का कार्तिक खेलते-खेलते लगभग 20 फुट ऊँचाई से नीचे गिरा गिरने पर उसके सिर और कंधे के आर-पार लोहे की सरिया धँस गई हालत बेहद गंभीर थी बच्चे को एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहाँ बच्चे का इलाज नहीं हो पाया और बच्चे को केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहॅा डाक्टरों के लिए यह केस बेहद मुश्किल था क्यों कि सरिया के कारण CT स्कैन भी नहीं हो पा रहा था।

ऑपरेशन टेबल पर बच्चे को सही पोज़िशन देना भी चुनौती पूर्ण था। सरिया काटने में चिंगारी निकलने का खतरा भी था। डॉक्टरों की एक बड़ी टीम ने करीब 6 घंटे की सर्जरी की बड़ी सावधानी से बच्चे के सिर की हड्डी काटकर सरिया को निकाला गया और ऑपरेशन सफल रहा। अभी कार्तिक आईसीयू में वेंटिलेटर पर है . परिवार ने उम्मीदें छोड़ दी थीं, लेकिन केजीएमयू के डॉक्टरों ने एक जटिल ऑपरेशन करके उस बच्चे की जान बचा ली परिवार ने डॉक्टरों को भगवान समान बताया और प्रशासन ने डॉक्टरों की इस टीम की जमकर सराहना की।
